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कृषि

कृषि खेती और वानिकी के माध्यम से खाद्य और अन्य सामान के उत्पादन से संबंधित है। कृषि एक मुख्य विकास था, जो सभ्यताओं के उदय का कारण बना, इसमें पालतू जानवरों का पालन किया गया और पौधों (फसलों) को उगाया गया, जिससे अतिरिक्त खाद्य का उत्पादन हुआ। इसने अधिक घनी आबादी और स्तरीकृत समाज के विकास को सक्षम बनाया। कृषि का अध्ययन कृषि विज्ञान के रूप में जाना जाता है तथा इसी से संबंधित विषय बागवानी का अध्ययन बागवानी (हॉर्टिकल्चर) में किया जाता है।

कृषि विभाग द्वारा किये गये नवोंवेषी कार्य एव संभावनाएं
क्रमांक योजना का नाम विवरण
1 ट्राइबल लाइवलीहुड बिज़नेस इन्कयूबैसेन सेंटर कृषि एव समवर्गीय क्षेत्र के अप्रशिक्षित कृषिको को प्रशिक्षित के माध्यम से कार्य कुशलता में उन्नति कर अधिक आय अर्जित करने हेतु सहयोग प्रदान किया जा रहा है|
2 जिला खनिज न्यास संस्थान नियम 2015 के अंतर्गत क्लस्टर में उन्नत कृषि तकनीक का प्रदर्शन जिला के वि०ख०- दरभा के ग्राम मामडपाल एव वि०ख०- बास्तानार के ग्राम तुरंगुर में ऐसे क्षेत्र जहा सिचाई के साधन उपलब्ध नहीं है वहा 10 हे० के क्लस्टर मे तार फैसींग करते हुए सिचाई साधन तथा उन्नत कृषि यंत्र उपलब्ध कराते हुए द्विफसलिय सिचाई क्षेत्र मे विस्तार किया गया|
3 हरिहर बस्तर बाजार जिले के जैविक खेती करने वाले कृषिको का समुह बनकर कृषक उत्पादन समुह (अफ०पी०ओ०) बनाया गया और उनके उत्पदों के सही विपणन हेतु जिले में स्व०-सहायता समहू के माध्यम बाज़ार स्थापित किया गया है|

कृषि योजनाओं के बारे में अधिक जानकारी के लिए कृपया दिए गए लिंक पर क्लिक करें:- 

कृषि सांख्यकी रिपोर्ट 2017-18 (पीडीएफ 582KB)